ठंड से होने वाली बीमारियों से बचने के लिए जरूरी है कि

तापमान में गिरावट के साथ ही सर्दीजुकाम बुखार, खांसी, गला खराब सक्रमण पाचन में गड़बड़ी जैसी परेशानियों की
आशंका बढ जाती है। तापमान कम होने से शारीरिक क्रियाशीलता कम होने लगती है। जिससे हम आसानी से
बीमारी या संक्रमण के चपेट में आ जाते हैं। ठंड से होने वाली
बीमारियों से बचने के लिए जरूरी है कि खानपान और
लाइफस्टाइल में बदलाव कर राग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जाए।

पानी की न हो कमी

शरीर के लिए पानी बहुत जरूरी होता है।
अक्सर सर्दियों में पानी का सेवन करना कम
कर देते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं
है। गर्मियों की तरह ही इस मौसम में भी
भरपूर पानी पीना चाहिएइससे आप हाइड्रेट
रहेंगे और आपकी त्वचा भी ग्लो करेगी। कम
पानी पीने से कई गंभीर बीमारियां भी पैदा
होने का खतरा बढ़ जाता है।

ऊर्जा हो भरपूर

सर्दियों में हमारे शरीर को भरपूर ऊर्जा की
जरूरत होती है। ऐसे में रिच प्रोटीन, ओमेगा
3, विटामिन का सेवन कर यह पूर्ति की जा
सकती है। सब्जियों और फलों का सेवन भी
शरीर को निरोगी बनाता है। दरअसल
पालक, सरसों, गाजरमूलीटमाटर आदि
में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट तत्व होते
हैं, जो शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में मदद
करते हैं। इसी तरह अनार, मौसमीसंतरा
चुकंदरअनानास आदि फल और
ड्राइऐंट्स भी लाभकारी होते हैं।
एक्स्ट्रा कैलोरी

इम्यूनिटी बढ़ाएं

खान-पान सही रखकर और हमेशा एक्टिव
रहकर इम्यूनिटी बढ़ाई जा सकती है। इसके
लिए एंटीबायोटिक, एंटीफंगल और
एंटीसेप्टिक चीजों का इस्तेमाल ज्यादा से
ज्यादा करें। अदरक, लहसुनलोंग,
इलायचीतुलसीपुदीना आदि का सेवन रोग
प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार होता है।
इसी तरह शहद, आंवला सर्दियों में ।
कवच बनाता है जो पाचन को ठीक रखने के
साथ ही त्वचाफेफड़ेकिडनी आदि से
संबंधित परेशानियों को दूर करता है।

गले को बचायें

सर्दी के मौसम में तली भुनीठंडी
चीजों से परहेज करें क्योंकि इससे
गला खराब होने की आशंका दोगुनी
रहती है। संक्रमण से बचने के लिए
रोजाना गर्म पानी नमक मिलाकर
गार्गल करें और गुनगुना पानी पीएं
इसी तरह नाक बहने से बचाव के
लिए नेती प्रक्रिया करें और
नीलगिरी के तेल की कुछ बूंदें
रूमाल आदि पर डालकर उसे ।

विटामिन डी की ख़ुराक

सर्दियों में गुनगुनी धूप की भरपूर खुराक
लेनी चाहिएइससे विटामिन डी प्राप्त किया
जा सकता है। गर्मियों में जहां हम तेज धूप
से बचने के लिए घर में बंद रहकर विटामिन
डी से दूर रहते , वहीं सर्दियों में इस कमी
को आसानी से पूरा किया जा सकता है।
गुनगुनी धूप से सुस्त पड़ी त्वचा को
ऊर्जावान आहार मिलता है। विटामिन डी
शरीर में खून के स्तर को बनाए रखने में
मदद करने के साथ ही हड्डियों की सेहत
भी बनाए रखती है।

स्किन और बालों की भी
करें एक्स्ट्रा केयर  

नहानेकेबाद त्वचा रूखी न हो इसके लिए
इस मौसम में अतिरिक्त इश्चराइजर की।
जरूरत होती है। ऐसे में बॉडी लोशन का।
इस्तेमाल करें।
गर्म पानी की बजाय ठंडे या हल्के गुनगुने
पानी से नहाएंगर्म पानी त्वचा को रिकज को
डैमेज करते हैं और रूखापन बढ़ाते हैं।
होंठो का फटना भी इस मौसम की सबसे बड़ी
समस्या होती है फटे होंठ को बारबार जीभ
से चाटने की बजाय कम से कम 15 एसपीएफ
वाला लिप बाम लगाएं
ज्यादातर लोग गर्मियों में ही त्वचा को टैन
होने से बचाने के लिए सन स्क्रीन लोशन का
इस्तेमाल करते हैं। लेकिन इस मौसम में भी
सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए।
सर्दियों में एड़ियों का फटना भी सबसे बड़ी
परेशानी होती है। ऐसे में पैों को 15 मिनट गर्म
पानी में डालकर लें और प्यूमिक टोज से
कब करेंपैरों को अच्छी तरह से धोकर
तौलिए से पोंछ लें और किसी कीम से अच्छी
तरह मसाज करेंनियमित तौर पर ऐसा करने
से फटी एड़ियों से राहत मिलती है।
इस मौसम में हाथों पर भी अतिरिक्त ध्यान
देने की जरूरत होती है क्योंकि अन्य अंगों के
मुकाबले हाथ की त्वचा काफी पतली होती है।
रात में सोने से हाथों पर अच्छी तरह से
ऑथराइजर का इस्तेमाल करें। संभव हो तो
दस्ताने पहन लें। इससे नाखून भी अचानक
दूटने से बचेंगे।
कंडीशनर बालों को मॉइश्चराइजर देता है।
ऐसे में शेंपू के बाद कंडीशनर जरूर लगाएं।
बालों को सुखाने के लिए ड्रायर का इस्तेमाल
से । इससे बालों का रूखापज बढ़ता है।



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