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छोटी छोटी सावधानी बरतकर
हम इस खतरनाक बीमारी से
खुद को और अपने परिवार
के लोगों को बचा सकते हैं।
- हर साल कई लोगों की मौत
की वजह बनता है। एडीज
मच्छर के काटने से व्यक्ति डेंगू से '
पीड़ित हो जाता है। जब यह कि
मच्छर किसी को काटता है तो डेंगू
फैलाने वाला वायरस मच्छर की लार के
साथ शरीर में प्रवेश कर जाता है। इसके
शुरुआती लक्षण सामान्य बुखार से
मिलते जुलते होते हैं। छोटी छोटी
सावधानी बरतने से हम इस खतरनाक
बीमारी से खुद को और अपने परिवार
के लोगों को बचा सकते हैं।
डेंगू के सबसे ज्यादा मामले बरसात
के मौसम में देखने में आते हैं। क्योंकि
इसके मच्छर का लार्वा साफ पानी में ही
पनपता है। डेंगू फैलाने वाला मच्छर दिन
में काटता है। डेंगू के मच्छर ठहरे।
साफ पानी में पनपते , जैसे कूलर
पानी में, नालों और नालियों मे। कम रोग।
प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों को यह ।
आसानी से हो जाता है।
जमा न होने दें।
नीम की पत्तियों का धुआं घर में फैलायें
पानी के बर्तन को खुला न रखें।
खिड़कियों और दरवाजों में जाली
लगवाएं।
शरीर पर मच्छर को दूर रखने वाली
कीम लगाएं। शरीर को ढकने वाले कपड़े ।
सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
घर के आस पास मच्छर मारने वाली
दवा का छिड़काव करवाएं।
3 से 14 दिन बाद दिखते हैं।
लक्षण इस तरह के होते हैं
भूख कम लगती है। जी
मिचलाना, उल्टी और दस्त होने
लगते हैं।
तेज ठंड लगकर बुखार।
शरीर और जोड़ों में दर्द होता है।
चमड़ी के नीचे लाल धब्बे होने
शुरु हो जाते हैं।
गंभीर स्थिति में आंख नाक से
खून आ जाता है।
सिर और आंखों में दर्द होता है।
से अधिक न हो।
गेहूं के ज्वारे का रस पीएं।
ताजा मौसमी फलों का सेवन करें,
खासकर अनार का रस।
नारियल पानी और साफ पानी अधिक
से अधिक मात्रा में पीएं
नींबू, संतरे, अंगूरस्ट्राबरी खाएं।
पपीते के पत्तों का रस बनाकर दिन में
दो से तीन बार 20-20 एमएल पीएं।
गिलोय की बेल का सत्व भी शरीर में
प्लेटलेट्स की संख्या नियमित रखता है।
खून पतला करने वाली दवाओं से दूर
रहे जैसे डिस्मीन या एस्प्रिन आदि।
हम इस खतरनाक बीमारी से
खुद को और अपने परिवार
के लोगों को बचा सकते हैं।
- हर साल कई लोगों की मौत
की वजह बनता है। एडीज
मच्छर के काटने से व्यक्ति डेंगू से '
पीड़ित हो जाता है। जब यह कि
मच्छर किसी को काटता है तो डेंगू
फैलाने वाला वायरस मच्छर की लार के
साथ शरीर में प्रवेश कर जाता है। इसके
शुरुआती लक्षण सामान्य बुखार से
मिलते जुलते होते हैं। छोटी छोटी
सावधानी बरतने से हम इस खतरनाक
बीमारी से खुद को और अपने परिवार
के लोगों को बचा सकते हैं।
डेंगू के सबसे ज्यादा मामले बरसात
के मौसम में देखने में आते हैं। क्योंकि
इसके मच्छर का लार्वा साफ पानी में ही
पनपता है। डेंगू फैलाने वाला मच्छर दिन
में काटता है। डेंगू के मच्छर ठहरे।
साफ पानी में पनपते , जैसे कूलर
पानी में, नालों और नालियों मे। कम रोग।
प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों को यह ।
आसानी से हो जाता है।
बचाव के उपाय
घर के अंदर और आस पड़ोस में पानीजमा न होने दें।
नीम की पत्तियों का धुआं घर में फैलायें
पानी के बर्तन को खुला न रखें।
खिड़कियों और दरवाजों में जाली
लगवाएं।
शरीर पर मच्छर को दूर रखने वाली
कीम लगाएं। शरीर को ढकने वाले कपड़े ।
सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
घर के आस पास मच्छर मारने वाली
दवा का छिड़काव करवाएं।
डेंगू के लक्षण
डेंगू के लक्षण वायरस प्रवेश के3 से 14 दिन बाद दिखते हैं।
लक्षण इस तरह के होते हैं
भूख कम लगती है। जी
मिचलाना, उल्टी और दस्त होने
लगते हैं।
तेज ठंड लगकर बुखार।
शरीर और जोड़ों में दर्द होता है।
चमड़ी के नीचे लाल धब्बे होने
शुरु हो जाते हैं।
गंभीर स्थिति में आंख नाक से
खून आ जाता है।
सिर और आंखों में दर्द होता है।
इनका करें सेवन
सादा भोजन खाएं जिसमें नमक स्वादसे अधिक न हो।
गेहूं के ज्वारे का रस पीएं।
ताजा मौसमी फलों का सेवन करें,
खासकर अनार का रस।
नारियल पानी और साफ पानी अधिक
से अधिक मात्रा में पीएं
नींबू, संतरे, अंगूरस्ट्राबरी खाएं।
पपीते के पत्तों का रस बनाकर दिन में
दो से तीन बार 20-20 एमएल पीएं।
गिलोय की बेल का सत्व भी शरीर में
प्लेटलेट्स की संख्या नियमित रखता है।
खून पतला करने वाली दवाओं से दूर
रहे जैसे डिस्मीन या एस्प्रिन आदि।
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